प्रेरक कथा – 01 : मन की व्याकुलता

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एक सेठ जी की चलते-चलते चप्पल टूट गई । पास में ही एक मोची की दुकान पर चप्पल बनवाने के लिए दे दिए । पास में एक स्टूल पर सेठ जी बैठ गए । मोची धार्मिक स्वभाव का था, सो चप्पल सीलते हुए भगवान का भजन भी गा रहा था ।

मोची ने जब चप्पल बना के सेठ को दी तो सेठ मेहनताने के साथ अलग से पांच सौ का नोट भी देने लगा, तो मोची बहुत हैरान हो गया । पूछा कि आप मुझे यह पांच सौ का नोट अलग से क्यों दे रहें हैं?

सेठ ने कहा कि भाई दर असल मेरे शरीर में बहुत ही पीड़ा है,कई डॉक्टरों के अनुसार दवाएं भी ली, हजारों रुपये खर्च भी किए, लेकिन मेरे शरीर को आराम नहीं मिला । लेकिन जब आप चप्पल सीलते हुए जो भजन गा रहे थे, उससे मेरे शरीर को बहुत ही आराम मिला है ।

जो दवाओं से न हो सका,वो आज आपके एक भजन से हो गया । बस इस खुशी में मैं आपको अलग से पांच सौ रुपये दे रहा हूँ ।

लेकिन मोची ने लेने से साफ इंकार कर दिया और कहा सेठ जी मैं अपनी कमाई से संतुष्ट हूँ ।

मोची बार बार कहता रहा कि मुझे नहीं चाहिए ये रुपया,लेकिन सेठ नहीं माना । जबरदस्ती रुपये पकड़ा कर चल दिया ।

इधर मोची रुपये लेकर घर तो आ गया,लेकिन उसकी नींद हराम हो गई।बार-बार नजरों के सामने वो पांच सौ का नोट घूमने लगा ।

जिसके कारण उसका भजन में भी मन नहीं लग रहा था । बहुत ही बेचैन हो गया । आखिरकार वो रुपये लेकर सेठ के घर पहुंच गया । और पांच सौ का नोट वापस कर दिया । वापस करने के बाद कुछ सोचने की मुद्रा में वहीं बैठ गया।

सेठ को लगा कि मोची रुपये वापस करके अब शायद पछता रहा है । इसलिए मोची से बोला कि भाई रुपया वापस करने के बाद अब शायद तुझे रुपयों की कीमत समझ में आई है ।

इसलिए अब वापस करके पछता रहे हो, चाहो तो अब भी रुपये ले सकते हो।

मोची ने कहा नहीं-नहीं सेठ जी बात यह नहीं है, मैं तो बल्कि यह सोच के हैरान हो रहा था कि जिस पांच सौ रुपयों के कारण मेरा भजन में मन नहीं लग रहा था, तो जिनके पास लाखों-करोड़ों रुपये है, उनका मन भजन में कैसे लगता होगा…???

आप तो दिन रात उन रुपयों को सोच सोच कर परेशान रहते होंगे ।

सेठ निरुत्तर था कुछ बोल नही पाया किन्तु ये बात उसके मन के अंदर घर कर गई । उसने तुरंत अपने मुनीम को बुलाया और अपनी सब जमा पूंजी और बही खाते का हिसाब अपने बेटे को समझा कर सुपुर्द करवा दिया । और एकांत में जाकर भगवद्भजन में लीन हो गया ।

~ रवि मैंदोला – अखिल भारतीय मैंदोलियंस समूह – 8077225528 – हरिद्वार

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Piyush Pandey
Piyush Pandey
4 years ago

So Great Ji

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